Bounce Rate क्या हैं? इसे कम करने का तरीका क्या हैं?

किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट मालिक को Bounce Rate Kya Hai? और अपने ब्लॉग का Bouncing Rate कम करने का तरीका क्या हैं? जरुर पता होनी चाहिए। आपने Google Analytic या Alexa जैसी साईट पर Bounce Rate लिखा हुआ जरुर देखा होगा।

नए ब्लॉगर Bounce Rate Kya Hai का नाम सुनकर थोड़ा confuse हो जाते हैं। लेकिन आप टेंशन मत लीजिए। क्यों की इस लेख को पढने के बाद आप Bouncing Rate के नाम से भली भाती परिचित हो जाएगे।

SEO की लिहाज से Bounce Rate बहुत ही important factor हैं। क्यों की Bounce Rate का direct असर आपके ब्लॉग या वेबसाइट के Traffic, Ranking और Earning पर पड़ता हैं। इस लिए अपने साईट के बाउंस रेट का ख्याल रखना बहुत जरुरी हैं।

यदि आप अपने ब्लॉग की Search Performance Increase करना चाहते हैं। तो आपको अपने ब्लॉग की बाउंस रेट कम करनी होगी। बस कुछ जरुरी बातों को ध्यान में रखकर साईट का Bounce Rate कम किया जा सकता हैं।

चलिए आसान भाषा में समझने की कोशिश करते है की Bounce Rate Kya Hai? what is bounce rate in hindi. Bounce Rate कितनी होनी चाहिए? अपने वेबसाइट की Bouncing Rate कैसे कम करे?

Bouncing Rate क्या होता हैं? What is Bounce Rate in hindi

Bounce Rate kya hai

Bouncing और Rate इन दो शब्दों को मिलाकर Bouncing Rate का उच्चारण होता हैं। दरअसल जब एक visitor आपके ब्लॉग के एक Page को Visit करता है और सिर्फ उसी पेज को विजिट करके वह वापस चला जाता हैं। तो उसे Bounce कहा जाता हैं। वही Rate का अर्थ होता हैं – Percentage. यानि Visitors के Percentage को Bounce Rate कहा जाता हैं।

Bounce Rate उन Visitors की Percentage होती हैं। जो आपके ब्लॉग पर आते तो हैं। लेकिन एक बार में आपके ब्लॉग के सिर्फ एक ही Page को देखते हैं और फिर कहीं दूसरी जगह चले जाते हैं।

मान लीजिए आपने मेरी वेबसाइट के किसी एक पेज पर लैंड किया और लैंड करने के बाद आप सिर्फ उसी पेज को पढ़कर बहार निकल गए। तो इस स्थिति में मेरी ब्लॉग की Bounce Rate बढ़ जाएगी।

किसी भी ब्लॉगर का goal अपने ब्लॉग का Bounce Rate कम करने के लिए होना चाहिए। चलिए bounce rate कम करने के तरीकों के बारे में जान लेते हैं। लेकिन उससे पहले Blog की Bounce Rate क्यों बढ़ जाती हैं। आपको यह जरुर जान लेना चाहिए।

Bounce Rate बढ़ने के क्या कारण हैं?

Blogger के कुछ गलतियों कारण साईट का Bounce Rate बढ़ जाता हैं। आपको बस उन गलतियों पर ध्यान देने की जरुरत हैं। Bounce Rate बढ़ने के कारण निम्न हैं।

  1. ब्लॉग पर Poor Quality के Contents पब्लिश करना।
  2. आपके ब्लॉग या वेबसाइट का Design या नेविकेसन बेकार होना।
  3. वेबसाइट की Loading Time ज्यादा होना।
  4. Website में सही तरीके से Internal link का इस्तमाल ना करना।
  5. Traffic पाने के लिए गलत तरीके से keywords का इस्तमाल करना।
  6. User को आपके साईट की Content Quality पसंद ना आना।
  7. Post में Heading को proper तरीके से इस्तमाल ना करना।
  8. ब्लॉग या वेबसाइट पर कम पोस्ट पब्लिश होना।

Bounce Rate वेबसाइट पर क्या Effect डालती है?

बस इतना समझ लीजिए बाउंस रेट आपके site पर गलत प्रभाव डालती हैं। क्यों की Bounce Rate ज्यादा होने का सिंपल सा मतलब हैं। आपके site पर visitor ज्यादा देर तक नहीं रुक रहे हैं। यानि की User आपके blog को जल्दी छोड़कर चले जा रहे हैं।

Blog को जल्दी छोड़कर चले जाने की वजह से Google या अन्य Search Engine को लगता है की आपके site का content अच्छा नहीं हैं। जिसके कारण visitors आपके site पर नहीं रुक रहे हैं।

Visitors आपके site के एक ही पोस्ट को पढ़कर चले जाने की वजह से Search Engine की नजरो में आपके site का reputation कम हो जाता हैं। जिसका प्रभाव आपके site की ranking पर पड़ता हैं।

इसलिए अपने site का बाउंस रेट जितना कम हो सके करने का प्रयास करें। बाउंस रेट कम करने का तरीका क्या हैं? चलिए details में जानते हैं।

Bounce Rate को कम कैसे करें?

अब आप समझ गए है की Bounce Rate Kya Hai? चलिए जानते है की किन किन तरीकों को अपना कर आप अपने साईट की Bounce Rate कम कर सकते हैं।

1. Quality और Valuable Content पब्लिश करे

यदि आप अपने Site पर Quality और Valuable Content पब्लिश करते हैं। तो इससे आपके ब्लॉग का reputation बढ़ जाता हैं। क्यों की कहते है न Content ही King होता हैं। इसलिए आप भी अपनी साईट पर एक से बढ़कर एक अच्छे अच्छे Content Publish करे।

आप खुद सोचकर देखिए कोई जानकारी प्राप्त करने के लिए आप किसी साईट पर गए। लेकिन उस site पर आपको Low Quality Content और आप जो जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। उससे जुडी आपको गलत information मिले। तो क्या आप उस साईट को दुबारा visit करना चाहेगे या उस site की कोई दूसरी पोस्ट को read करना पसंद करेगे। नहीं ना.

अगर user को आपके साईट पर Quality और Valuable Content मिलता हैं। तो वे आपके साईट को जरुर पसंद करेगे। किसी भी user के लिए सही Content वही हैं। जो user के जरुरत को पूरा करे और सही information प्रदान करे।

अपने Content को सरल भाषा में पॉइंट टू पॉइंट लिखे और उस पोस्ट की size कम से कम 700 से 1500 Words के बीच रखने की कोशिस करे रखें। Quality और Valuable Content आपके साईट को rank करने के साथ साथ साईट की Bounce Rate भी कम करने में मदद करते हैं। हां थोड़ा समय जरुर लगेगा। लेकिन आपको सफलता जरुर मेलेगी।

2. Internal Linking पर Focus करे

साईट का बाउंस रेट कम करने के लिए Internal Linking बहुत ही कमाल का तरीका हैं। अपने पोस्ट में सही तरीके से InternalLinking करके ब्लॉग का Bounce Rate कम किया जा सकता हैं।

Internal Linking का मतलब यह हुआ की ब्लॉग के एक पोस्ट में अपने ही ब्लॉग के दुसरे पोस्ट का link add करना। यदि आप सही तरके से Post के बिच बिच में internal linking करते हैं। तो धीरे धीरे आपके ब्लॉग का Bounce Rate घट जाएगा।

यदि आप article में internal linking नहीं करेगे। तो visitors आपके ब्लॉग के सिर्फ उसी page को read करके कही और चले जाएगे।

Internal Linking करते समय आपको एक खास बात का जरुर ध्यान रखना चाहिए। वह यह है की जब आप किसी एक पोस्ट में Internal Linking कर रहे हैं। तो कोशिस यह करे की उस पोस्ट से related ही अपने ब्लॉग के दुसरे पोस्ट का link add करे।

इससे फायदा यह होगा की अगर visitor को उसी tropic से related कुछ पढ़ने को मिलेगा। तो वे आपके link पर जरुर क्लिक करगे। अब यह आपके उपर निर्भर करता हैं की आप अपने site में कितनी अच्छी तरह से Internal Linking करते हैं। बस इतना समझ लीजिए की bounce Rate कम करने का यह एक राम बाढ़ तरीका हैं।

3. Internal Link Post को दुसरे Page में खोले

जब आप किसी Post में Internal linking करे। तो इस बात का जरुर ख्याल रखे की internal link पर click करने के बाद वह दूसरा पोस्ट नए Page में ओपन हो।

इससे फायदा यह होगा है की user जिस पोस्ट को पढ़ रहा हैं। वो एक tab में open रहेगा और दूसरा पोस्ट एक अन्य tab में open हो जाएगा। ऐसा करने से साईट का bounce Rate कम होता हैं।

4. Page Load Time पे ध्यान दें

साईट का loading time भी bounce rate increase करने का एक मुख्य कारण हैं। दरसल Site का Page Load Time ज्यादा होने के कारण visitors आपके blog तक पहुँचते ही नहीं हैं। आपको बता दे की SEO के लिहाज से भी website का fast होना बहुत जरुरी हैं।

गूगल आपके ब्लॉग या वेबसाइट के Page Speed को निम्न प्रकार से देखता हैं-

  • 1 सेकंड से कम – Perfect
  • 1 सेकंड से 3 सेकंड तक – Above Average
  • 3 सेकंड से 7 सेकंड तक – Average
  • 7 से ज्यादा – Very poor

अपने reader को प्रसन्न करने के लिए आपको अपने साईट को Perfect या Above Average category में लाना होगा।

5. Site का Look और Design Responsive रखे

आपको अपने ब्लॉग का look और Design एकदम Simple रखना चाहिए। ताकि Visitor आपके ब्लॉग की तरफ आसानी से Attract हो जाए। आप ही सोचकर देखिए Attract Look किसे पसंद नहीं आएगा। इसलिए Site का look simple और Readers friendly बनाए।

सिंपल लुक और responsive site होने की वजह से visitors को आपके website का Content पढने में भी मजा आएगा। आपके user बहुत ही आसानी से आपके site पर पब्लिश किसी भी post या category पर जा सकेगे। इससे आपके site का bounce rate घटता हैं।

अपने site का Font, Text Size और Color Combination का सही चयन करना बहुत ही जरुरी हैं। आपको खुद से समझना होगा की अपने visitors को कोन सा Color या Font पसंद आएगा। अगर आप text size ज्यादा छोटा रख देगे। तो visitor को आपका content पढने में समस्या आएगी।

6. Mobile Friendly Blog बनाए

आज डेस्कटॉप यूज़र की तुलना में Mobile Users की संख्या अत्यअधिक हैं। जिसके कारण अपने Blog को Mobile Friendly बनाना बहुत जरुरी हो जाता हैं। इसलिए आप भी अपने blog को Mobile Friendly जरुर बनाए। ताकि आपके ब्लॉग का bounce rate घटने लगे।

देखा जाए तो आज 70% से ज्यादा visitors Mobile User हैं। ऐसे में यदि आपका Blog Mobile Friendly होगा। तो आपके visitors भी आपका blog पसंद करेगे। इसलिए आप भी अपने ब्लॉग पर Mobile Friendly Template का इस्तेमाल जरुर करें।

7. Heading को Attractive और Visitors Friendly बनाए

बाउंस रेट कम करने के लिए Blog Post का Heading Attractive और Visitors Friendly होना बहुत जरुरी हैं। Attractive Heading होने की वजह से Visitors आपके ब्लॉग post को जरुर पढ़ेगे।

लेकिन Attractive Heading के साथ साथ blog post को Visitors Friendly भी बनाना बहुत जरुरी हैं। Visitors Friendly कहने का मतलब यह हुआ की आपके blog post का जो Heading हैं। उस पोस्ट में उसी से जुडी ही जानकारी दिया गया हो।

आप खुद सोचकर देखिए Heading पढ़कर आपने क्लिक किया। लेकिन पोस्ट में आपको कुछ और ही पढ़ने को मिल रहा हैं। तो ऐसे में आपको गुस्सा तो जरुर आएगा। कुछ एक bloggers views पाने के लिए clickbait headings का इस्तमाल करते हैं। जो बिलकुल भी अच्छी बात नहीं हैं।

आप अपने ब्लॉग पोस्ट का जो Heading रखे। पोस्ट के अंदर भी उसी Topic के बारे में लिखे। इससे Visitors का आपके ब्लॉग पर भरोसा बढ़ने लगता हैं। Visitor एक पोस्ट को पढ़ने के बाद अगर उसे पोस्ट का कोई Heading पसंद आएगा। तो वह उस पोस्ट को भी जरुर पढ़ेगा।

Site का Bounce Rate कितना होना चाहिए?

अगर बात करे कितनी Bounce Rate को अच्छा माना जाता हैं। तो आपको बता दे की इसके लिए कोई fixed rule नहीं हैं। क्यों की अलग-अलग तरह के Website के लिए अलग-अलग Bounce Rate प्रतिशत अच्छा माना जाता हैं।

अलग-अलग Websites के Bounce Rate के आंकड़े निम्न प्रकार हैं:

  • Blogs के लिए – 50-70%
  • Services Provide करने वाली साइट्स – 10-30%
  • Lead Generate Sites – 30-50%
  • Retail Sites – 20-40%
  • Landing Pages – 50-70%
  • Content Websites – 40-60%

अगर आप किस ब्लॉग के मालिक हैं तो कोशिस करे की आपके ब्लॉग का bounce rate 40 से 70% के बीच रहे। लेकिन आपको Exit Rate के भी विषय में भी जरुर पता होनी चाहिए। क्यों की bounce rate और exit rate एक दुसरे से जुड़ा हैं।

Exit Rate क्या हैं?

जब कोई user आपके blog के किसी page पर आते हैं और फिर तुरंत ही वह आपके ब्लॉग के दुसरे पोस्ट या home page पेज पर चले जाते हैं। तो उसे Exit Rate कहते हैं।

दरसल जब कोई user आपके site के एक से ज्यादा Web Pages को visit करते हैं। यानि एक से ज्यादा article read करते हैं और कुछ समय बाद site से निकल जाते हैं। तो इसे site से Exit होना कहते हैं। एक से ज्यादा Web Pages या Article Read करने वाले user के percentage को exit rate कहा जाता हैं।

Bounce Rate और Exit Rate में अंतर क्या है?

यदि आपके blog पर 100 user आए और उनमे से 50 user आपके blog से वापस चले जाए। तो उसे ब्लॉग का 50% Bounce Rate कहा जाएगा। लेकिन उन 50 user में से 25 user आपके ब्लॉग के home page या किसी दूसरे Article पर चले जाए। तो उसे Exit Rate कहा जाता हैं।

Exit Rate का हमारी blog पर कोई गलत Effect नहीं होता हैं। क्यों की Exit Rate में user हमारे ही blog के दूसरे page पर जाते हैं। लेकिन Bounce Rate में user हमारे blog से ही exit हो जाते हैं। जिसके कारण हमारे blog पर इसका effect पड़ता हैं।

आशा करती हु अब आप समझ गए होगे की Bouncing Rate क्या हैं? (What is bounce rate in hindi) Bouncing Rate कम करने का तरीका क्या हैं? इतना समझ लीजिए Blogging की दुनिया में Bouncing Rate बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसलिए आप इस बात पर जरुर ध्यान दीजिएगा।

यदि आपको यह लेख Bounce Rate Kya Hai? और अपने site का Bouncing Rate कम करने का तरीका क्या हैं? पसंद आया हो। तो आप इस लेख Bounce Rate Kya Hai को अपने सोशल मीडिया साइट्स पर जरुर शेयर करे।

शेयर करे

Leave a Comment